डीएसटीपीएस में अधिकारी व कर्मचारी वर्गों हेतु राजभाषा कार्यशाला  

डीएसटीपीएस  में अधिकारी व कर्मचारी वर्गों हेतु राजभाषा कार्यशाला  

राजभाषा हिंदी में मानक शब्दों एवं वाक्यों का विलक्षण प्रयोग है - श्री सुधीर कुमार व्यास, वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ एवं एम)

अंडाल (अमन राय): दामोदर घाटी निगम, दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केन्द्र, अंडाल में दिनांक 19 दिसंबर, 2024 को एक पूर्ण दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजना दिव्यज्योति भवन स्थित ट्रेनिंग हॉल में किया गया जिसमें परियोजना से नामित 26 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया ।

उद्घाटन सत्र: राजभाषा कार्यान्वयन उप समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में डीएसटीपीएस के वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ एवं एम) श्री सुधीर कुमार व्यास, वरिष्ठ महाप्रबंधक (एएचएम/एफजीडी) श्री सुकदेव खान, महाप्रबंधक श्री अरिजीत मजुमदार तथा अतिथि वक्ता श्री दीपक साव, हिंदी प्राध्यापक, हिंदी शिक्षण योजना, आसनसोल केंद्र (पश्चिम बंगाल), राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार सहित कार्यशाला के प्रतिभागियों ने संयुक्त रूप से मंगलदीप प्रज्ज्वलित किया। मौके पर अतिथि वक्ता श्री साव को उत्तरीय, हरी पौध एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया । अपने संबोधन में वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री व्यास ने कार्यशाला की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी में मानक शब्दों एवं वाक्यों का विलक्षण प्रयोग है। इसके कारण अब बड़ी सहजता से हिंदी में नोटिंग एवं विविध पत्राचार किया जा रहा है । मौके पर उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने कार्यालयों में सर्वाधिक काम हिंदी में करने की अपील की। वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री खान ने भी उदघाटन सत्र को संबोधित किया। महाप्रबंधक श्री अरिजीत मजुमदार ने अपने उदघाटन भाषण में कहा कि हिंदी में काम करने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है । हिंदी में काम करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने ‘आइए हम सब आगे बढ़ें, हिंदी बोलें, लिखें और पढ़ें’- को साकार करने पर जोड़ दिया । हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ ने अपनी कविताओं को पेश करते हुए कार्यक्रम को संचालित किया । 

कार्यशाला सत्र: कार्यशाला के प्रथम सत्र में ‘कार्यालयीन पत्राचार’ विषय पर अतिथि वक्ता श्री दीपक साव, हिंदी प्राध्यापक ने बखूबी प्रकाश डाला। उन्होंने पत्राचार के विविध रूपों पर चर्चा की। द्वितीय सत्र में कंठस्थ संस्करण 2.0- स्मृति आधारित अनुवाद का प्रयोग पर चर्चा की गई, प्रतिभागियों से अभ्यास कराया गया एवं परिसंवाद सत्र चलाया गया।  

प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागी पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण हासिल किया। श्रीमती विनीता सरकार, वरिष्ठ प्रबंधक (असैनिक), दिलीप कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक (रसा.), मो. शमीम अहमद, प्रबंधक (सी.एस.आर.), अनुराग मिश्रा, प्रबंधक(यां.), सुमित चक्रवर्ती, प्रबंधक (मा.सं.), आतिश कुमार पांडा, उप प्रबंधक (वित्त), मनोज कुमार साहा, प्रधान रोकड़िया, रणवीर रूद्र, वरिष्ठ लागत लेखाकार, सुशांत कुमार राउत, वरिष्ठ लेखाकार, श्रीमती सोमा दास, प्रबंधक (रसा.), श्रीमती पूनम यादव, प्रबंधक (सी व आई), अनुप घोष, प्रबंधक (वि.), श्रीमती अनुपमा तिवारी, प्रबंधक (वि.), सौरभ रक्षित, कनिष्ठ अभियंता(सी), रंजीत कुमार, कनिष्ठ अभियंता, कार्तिक चंद्र कुमार, सहायक नियंत्रक (यां.), आकाश दीप, कनिष्ठ अभियंता(यां), बृजु कुमार, कार्यपालक (रसा.), विद्युत कुमार शर्मा, कार्यपालक (संचार), आलोक प्रकाश, प्रबंधक (वि.), चंद्रशेखर प्रसाद, उप प्रबंधक (यां.), शंभु मित्रा, सहायक ग्रेड -।, सुजय सिंघा, कनिष्ठ अभियंता (यां.), आर. के. खटुआ, वरिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक, जाकिर होसेन मंडल, सहायक नियंत्रक (या.), सव्यसाची माहता, फर्मासिस्ट आदि प्रतिभागियों ने भाग लिया। अंत में, हिंदी अधिकारी श्री मियाँ के धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम समाप्त घोषित हुआ। आगामी 20 दिसंबर, 24 को डीएसटीपीएस के राजभाषा नोडल अधिकारियों के लिए एक पूर्ण दिवसीय राजभाषा कार्यशाला का आयोजन होगा।


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